भारत ने मई में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री को आमंत्रित किया है. पाकिस्तान के सूत्रों ने इस खबर की पुष्टि की है. सूत्रों के अनुसार उनके विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी को निमंत्रण मिला है, हालांकि इस्लामाबाद ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है. अगर पाकिस्तान निमंत्रण को स्वीकार करता है, तो बिलावल भुट्टो जरदारी लगभग 12 वर्षों के अंतराल के बाद भारत आने वाले पाकिस्तान के पहले विदेश मंत्री होंगे.
एक महीने पहले ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के मौके पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणियां की थी. जिसके कारण उनके खिलाफ भारत में विरोध हुआ था. भारत ने बिलावल जरदारी की टिप्पणियों को "असभ्य" कहा था.
सूत्रों ने बताया कि चीन के नए विदेश मंत्री Qin Gang को भी निमंत्रण भेजा गया है. पाकिस्तान और चीन के अलावा, आठ सदस्यीय एससीओ समूह में कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं.
इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग द्वारा कथित तौर पर आमंत्रण दिया गया है. हाल ही में पाकिस्तानी के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के साथ बातचीत की पेशकश रखी थी और कहा था कि, "हमने अपना सबक सीखा है". शहबाज शरीफ ने अल अरेबिया चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि पाकिस्तान ने अपना सबक ले लिया है. भारत के साथ जंग का नतीजा बेरोजगारी, ग़रीबी रही. भारत हमारा पड़ोसी मुल्क़ है. हम पड़ोसी हैं और बिल्कुल साफ़ बात करें तो पड़ोसी होना किसी मर्ज़ी से नहीं है. बल्कि हम हमेशा से ऐसे हैं. ये हम पर है कि हम शांतिपूर्वक रहें और तरक्की करें. या एक दूसरे से लड़ें और समय बर्बाद करें. ये पूरी तरह से हम पर है.
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